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...जरूरी है कुत्तोँ को बिस्कुट खिलाना (संशोधित )

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(प्रस्तुत कविता 18जनवरी को प्रकाशित कविता का संशोधित रूप है । आपने पुरानी कविता को सराहा।इसके लिए मैँ आप सभी का ह्रदय से आभारी हुँ। आशा है कि नया रूप और अधिक आनंद देगा )

जब से मैँने
कुत्तोँ को
खिलाने शुरु किए हैँ बिस्कुट
तब से वे
मुझे देखकर भौँकते नहीँ
दुम हिलाते हैँ
जब भी मैँ निकलता हूँ घर से
वे मेरे आगे-पीछे चलते हैँ
यह देखकर अब
मोहल्ले वाले भी
नमस्ते करते हैँ
लोग मुझसे मिलने से पहले
अब इन कुत्तोँ से मिलते हैँ
और इन्हेँ खिलाकर बिस्कुट
मेरा मूड पूछते हैँ
सच कहूँ मैँ भी अब
इनपर कुछ ज्यादा ही
भरोसा करने लगा हूँ
आजकल इन्हीँ के
मार्गदर्शन मेँ चलने लगा हूँ
यह रोज रोज बिस्कुट
डालने का ही प्रताप है
ये मुझे अकेला
नहीँ रहने देते
फालतू लोगोँ को अपनी बात
नहीँ कहने देते
कल,म्युनिसपिलटी वाले
अपनी औकात भूल गए
इन कुत्तोँ मेँ से एक को
उठाकर ले गए
इन्हीँ कुत्तोँ के कारण
एक मंत्री जी से हो गया था याराना
मेरे फोन पर उन्होँने
भेज दिया फौरन परवाना
हुआ चमत्कार
बाइज्जत छोड़ते हुए
बोले म्युनिसपिलटी वाले
गलती हो गयी सरकार
दुम खड़ी करता हुआ
फूलमालाओँ से लदा
कुत्ता वापस आ गया
और मेरा रौब अब
दूसरे मोहल्लोँ मेँ भी छा गया
धीरे धीरे कुत्तोँ की
संख्या बढ़ती गयी
साथ-साथ मेरी
कीमत भी चढ़ती गयी
काश!
ये राज मैँ पहले समझ जाता
कि आज के इस कुत्तागर्दी
के दौर मेँ
जरूरी है कुत्तोँ को बिस्कुट खिलाना

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29 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Levitra के द्वारा
January 13, 2012

Your blog is actually great. Keep posting that way.

deepak mehrotra के द्वारा
February 21, 2011

भाई मनोज जी अब तो और अधिक मजा आ गया राजनीती और कुत्तो का संगम करा कर कविता में जान डाल दी बधाई

    Dr,Manoj Rastogi के द्वारा
    March 30, 2011

    धन्यवाद ,दीपक जी |

suryansh singhal के द्वारा
February 20, 2011

सर आपकी कविता से मजा आ गया

    dr.manoj rastogi के द्वारा
    February 24, 2011

    धन्यवाद

Ganga Swaroop Sharma के द्वारा
February 20, 2011

आदरणीय रस्तोगी जी, बहुत ही उम्दा कटाक्ष किया है आपने आज की राजनीति पर ! उम्दा कृति के लिए बहुत- बहुत धन्यवाद !

    dr.manoj rastogi के द्वारा
    February 24, 2011

    आपकी शुभकामनाओं के लिए हार्दिक आभार . यह सिलसिला बनायें रखियेगा

vineet bansal के द्वारा
February 18, 2011

क्या कहना है इस रचना का .मज़ा आ गया

    dr.manoj rastogi के द्वारा
    February 24, 2011

    dhanybad

समीर लाल के द्वारा
February 15, 2011

सटीक चित्रण/ उम्दा संरचना!!

    dr.manoj rastogi के द्वारा
    February 16, 2011

    समीर जी .आपको रचना पसंद आई ,इसके लिए धन्यवाद .

nitin rastogi के द्वारा
February 13, 2011

मनोज जी, आपने तो कमाल कर दिया , कुत्तोँ ke सहारे आपने जो चित्रण किया है वह काबिले तारीफ है.

    dr.manoj rastogi के द्वारा
    February 16, 2011

    नितिन जी , आपका बहुत बहुत आभार

omprakash shankhdhar के द्वारा
February 10, 2011

manoj je pehla bali kavita mai boh jan nahi thi jo es bar aapne lekha hai behtar hai.

    dr.manoj rastogi के द्वारा
    February 12, 2011

    bahut bahut dhanayvad om prakash jii

saurabh chakraborty के द्वारा
February 9, 2011

manoj ji aapki kavita aaj ki rajneeti par karara katacha hai rajneeti me kuttagadi va kutto me rajneet ko kafi sateek tareeke se ukera hai. with good wishes by saurabh

    dr.manoj rastogi के द्वारा
    February 9, 2011

    सौरभ जी .आपका बहुत बहुत आभार .

k saurabh के द्वारा
February 7, 2011

मनोज जी, वर्तमान राजनीति पर इससे उम्दा कटाक्ष मैने काव्य के रूप में आज तक नहीं पढ़ा. आज किसी राजनेता के राजनैतिक सफ़र की शुरुआत इन कुत्तों के बिना संभव नहीं है. कुत्तागर्दी शब्द का व्यापक अर्थ निकाल कर राजनीति के गूढ़ रहस्यों को समझा जा सकता है. संशोधित कविता के लिए बधाई स्वीकारें.

    dr.manoj rastogi के द्वारा
    February 9, 2011

    aapne sahi kaha. rajniti -kutto maen gahara rista hai

preetam thakur के द्वारा
February 7, 2011

रस्तोगी जी | धन्य हो | बड़ा ही आन्त्र्शोधू कटाक्ष है !!! कुत्तामय जीवन जीने वालों में कुत्त्गी की जो होड़ लगी है उसका बेहतरीन चित्रं है | अफ़सोस ये है के कुत्तामय जिन्दगी के लिए कमाल की स्पर्धा चालू है |

    dr.manoj rastogi के द्वारा
    February 9, 2011

    preetam jii , bahut hi arthbhare shabd diye hae aapne. aap yadi anumati den to inka prayog agli kavita mae kar loon. prtikriya ke liye aabhar

Pooja के द्वारा
February 5, 2011

जी मैंने आपकी पहली कविता तो नहीं पढी… परन्तु ये तो गज़ब है… क्या खूब कटाक्ष हैं… जरूर पहलेवाली भी बेहतरीन रही होगी…

    dr.manoj rastogi के द्वारा
    February 9, 2011

    pooja ji . aapki subhkamna ke liye dhanayad

    dr.manoj rastogi के द्वारा
    February 9, 2011

    dhanaybad samjhen

वाहिद काशीवासी के द्वारा
February 5, 2011

आदरणीय डॉ. साहिब, पहले कभी आपकी ये रचना नहीं पढ़ पाया था|सांकेतिक शब्दों में आपने बहुत गहन अर्थ छुपा रखे हैं| मुबारकबाद क़ुबूल करें|

    dr.manoj rastogi के द्वारा
    February 9, 2011

    aapki mubarakbad kubool . aaj vakai maen kuttagardi hae

Himanshu Bansal के द्वारा
February 5, 2011

manoj ji ab to phale sai jyada aanand aa gyaa. kya khoob bakhiya udheri hai.badhai.

    dr.manoj rastogi के द्वारा
    February 9, 2011

    himanshu jii bahut bahut aabhar

    jyotirai के द्वारा
    January 30, 2012

    Ek baat yaad rkhiyega kutte agar jyada khus ho to chat dete hain aur jyada naraj hue to kat dete hai dono hi roop me ye nuksaan phuchate hai isliye inse dur rhna thik hai [kutto se sawdhan]


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