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गरीबी - बेरोजगार - चमचा

Posted On: 16 Jan, 2011 Others,मस्ती मालगाड़ी में

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सरकार

गरीबी हटाने को

प्रयोग कर रही है

महंगाई बढ़ा रही है

गरीबोँ को मिटा रही है 0000000000000000000000000000000000

एक छात्र

बीएड मेँ दाखिले को

फार्म भर रहा था

मैँने उससे पूछा

भाई , इतना पढ़ने के बाद क्या बनोगे

उत्तर मिला

बेरोजगार
0000000000000000000000000000000000

पत्नी ने
आज सुबह
फरमाइश कर दी
चमचा टूट गया है
आफिस से लौटते वक्त लेते आना
शाम को मैँ दफ्तर से अपने सहकर्मी को घर ले गया
यह देख पत्नी का माथा ठनका
बोली यह अपने साथ किसे ले आए
मैँ बोला अरी भाग्यवान,तूने ही तो कहा था
शाम को चमचा लेते आना

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22 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

PRAMOD RAIKWAR के द्वारा
March 13, 2011

सर एक और लेख पुब्लीश कीजिये जिसमे सरकारी नोकरी के लिए प्रतिशत अंक नहीं होने चाहिए. यह सर्कार को सोचना चाहिए. उद्धरण के लिए बी. एड. के लिए अनिवार्यता आदि

    Dr,Manoj Rastogi के द्वारा
    March 30, 2011

    जब प्रवेश परीक्षा हो रही है तो न्यूनतम अंकों की अनिवार्यता नहीं होनी चाहिए

roy के द्वारा
February 23, 2011

Baat To sahi kahi h aapne sir. Dgree to market m bik rahi . padh kar haasil karne walai aur kharidne walai m fark pata nahi chalta. Sab paiso ka kahel h

    Dr,Manoj Rastogi के द्वारा
    March 30, 2011

    इसीलिए तो मेरिट के स्थान पर नोकरी के लिए फिर से लिखित परीक्षा होती है|

deepak के द्वारा
January 27, 2011

सही बात है आज डिग्री ले कर लोग दुकानों पर नौकरी करने को मजबूर है

    dr.manoj rastogi के द्वारा
    February 3, 2011

    सामाजिक तानों से बचने को क्या करें

SUMIT PRATAP SINGH के द्वारा
January 17, 2011

आनंद दायक रचनाएं…

    Dr.Manoj Rastogi के द्वारा
    January 19, 2011

    सुमित जी , आपको आनंद आया। पढ़ कर अच्छा लगा।

January 17, 2011

मस्त कविता।

    Dr.Manoj Rastogi के द्वारा
    January 19, 2011

    अंशुमाली जी, आपकी प्रतिक्रिया मिली,इसी तरह मस्त रहें।

sanjay rustagi के द्वारा
January 17, 2011

मनोज जी सटीक लिखा है

    Dr.Manoj Rastogi के द्वारा
    January 19, 2011

    संजय जी, आभार

Harish Bhatt के द्वारा
January 17, 2011

आदरणीय रस्तोगी जी सादर प्रणाम, बहुत अच्छी कविता के लिए हार्दिक बधाई.

    Dr.Manoj Rastogi के द्वारा
    January 19, 2011

    हरीश जी, सराहना के लिए धन्यवाद।

k.zaidi,sirsi के द्वारा
January 16, 2011

mojooda halaat par खूबसूरत वैयंग hai

    Dr.Manoj Rastogi के द्वारा
    January 19, 2011

    जैदी जी, शुक्रिया।

neha zaidi के द्वारा
January 16, 2011

वर्तमान हालात की सच्चाई बयाँ करता anootha वियंग है…………..badhai

    Dr.Manoj Rastogi के द्वारा
    January 19, 2011

    नेहा जी, धन्यवाद।

abodhbaalak के द्वारा
January 16, 2011

Manoj ji wonderful post, hillarioius but ….. http://abodhbaalak.jagranjunction.com/

    Dr.Manoj Rastogi के द्वारा
    January 19, 2011

    बंधुवर, आपका इसी तरह स्नेह मिलता रहे।

January 16, 2011

वाह! डाक्टर साहब गरीबी,बेरोजगार व चमचा का अच्छा संगम कराया हॆ.अच्छा व्यंग्य.

    Dr.Manoj Rastogi के द्वारा
    January 19, 2011

    विनोद जी, आपने संगम में डुबकी लगाई । मन प्रसन्न हुआ।


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